बिहार के समस्तीपुर जिले से पुलिसिया बर्बरता और बदसलूकी का एक गंभीर मामला सामने आया है। समस्तीपुर में ट्रैफिक चेकिंग के दौरान हुए हंगामे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाता नजर आ रहा है। युवक का दावा है कि वह अपनी गर्भवती भाभी को इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे रोक लिया। युवक का कहना है कि उसने चालान काटने की बात कही, लेकिन कुछ पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर पैसे की मांग की। युवक का आरोप है कि विरोध करने और मोबाइल से वीडियो बनाने पर उसके साथ बदसलूकी और मारपीट की गई। इसी दौरान उसके साथ मौजूद गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह सड़क पर ही वो बेहोश हो गई। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। युवक का कहना है कि हम अपनी गर्भवती भाभी को डॉक्टर के पास ले जा रहे थे। पुलिस ने रोका। हमने कहा चालान काट दीजिए, लेकिन पैसे मांगे गए। विरोध करने पर हमारे साथ दुर्व्यवहार किया गया। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिस ने आरोपों को किया खारिज
हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ट्रैफिक थाना में तैनात एसआई संतोष कुमार का कहना है कि बाइक पर ट्रिपल लोडिंग थी और फाइन से बचने के लिए जानबूझकर हंगामा किया गया। ट्रैफिक पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो के आधार पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि आरोप और पुलिस की सफाई के बीच सच्चाई क्या है, यह किसी निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। समस्तीपुर में ट्रैफिक चेकिंग के दौरान हुए इस विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ युवक और उसके परिजन पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर रही है।
जांच के आदेश
वीडियो वायरल होने के बाद यातायात डीएसपी आशीष राज ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच के बाद इस घटना की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
(रिपोर्ट: SUNIL KUMAR)